एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 5 समांतर और प्रतिच्छेदी रेखाएँ
कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 5 ‘समांतर और प्रतिच्छेदी रेखाएँ’ के एनसीईआरटी समाधान – अभ्यास के प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 के लिए यहाँ दिए गए हैं। कागज मोड़ने की गतिविधि से आरंभ होकर यह अध्याय प्रतिच्छेदी रेखाओं से बने शीर्षाभिमुख कोण और रैखिक युग्म, लंब रेखाएँ तथा कभी न मिलने वाली समांतर रेखाएँ समझाता है।
एनसीईआरटी कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 1 अध्याय 5 समाधान
कक्षा 7 गणित भाग 1 अध्याय 5 के प्रश्न-उत्तर हिंदी माध्यम में दिए गए हैं। इसमें तिर्यक रेखा, संगत कोण, एकांतर कोण, समांतर रेखाएँ खींचना और ‘समांतर भ्रम’ जैसे रोचक चित्र भी हैं। कोण ज्ञात करने वाले प्रश्नों के हल सत्र 2026-27 के अनुसार कारण सहित दिए गए हैं।
कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 108 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 108 – पता लगाइए
चित्र 5.3 में आप जिन रैखिक युग्मों एवं शीर्षाभिमुख कोणों को देखते हैं, उन सभी की सूची बनाइए-


उत्तर:
रैखिक युग्म के दोनों कोणों की एक साझा भुजा होती है और उनकी दूसरी दोनों भुजाएँ एक सीधी रेखा बनाती हैं। इसलिए उनका योग 180° होता है।
शीर्षाभिमुख कोण प्रतिच्छेद बिंदु के सामने-सामने होते हैं और उनके माप बराबर होते हैं।
चित्र में चार रैखिक युग्म और शीर्षाभिमुख कोणों के दो युग्म हैं। उनकी पूरी सूची इस प्रकार है-

कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 113 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 113 – पता लगाइए
1. चित्र 5.10 में बिंदुकित कागज पर दी गई रेखाओं के लम्बवत कुछ रेखाएँ खींचिए।

उत्तर:
लम्बवत रेखाएँ एक-दूसरे के साथ 90° का कोण बनाती हैं। समकोणक की एक भुजा को दी गई रेखा पर रखकर दूसरी भुजा के सहारे उसकी लम्बवत रेखा खींचते हैं।
क्षैतिज रेखा की लम्बवत रेखा ऊर्ध्वाधर होगी और ऊर्ध्वाधर रेखा की लम्बवत रेखा क्षैतिज होगी। तिरछी रेखाओं के लिए भी दोनों रेखाओं के बीच समकोण होना चाहिए।
चारों रेखाओं के लिए नीले रंग से लम्बवत रेखाएँ खींची हैं। छोटे वर्ग समकोण दर्शाते हैं।

2. चित्र 5.11 में ऊपर दिए गए संकेतों (एकल तीर का चिह्न, दो तीर के चिह्न आदि) का उपयोग करके समांतर रेखाओं को चिह्नित कीजिए। लम्ब रेखाओं के बीच कोण को वर्ग के प्रतीक से चिह्नित कीजिए।
(a) आपने लम्बवत रेखाओं को कैसे पहचाना?
(b) आपने समांतर रेखाओं को कैसे पहचाना?

उत्तर:
समान दिशा वाली क्षैतिज रेखाएँ आपस में समांतर हैं। इसी तरह ऊर्ध्वाधर रेखाएँ आपस में समांतर हैं। तिरछी रेखाओं में भी समान झुकाव वाली रेखाओं के अलग-अलग समूह हैं।
एक समूह की समांतर रेखाओं पर एक जैसे तीर-चिह्न लगाए हैं और समकोणों पर छोटे वर्ग बनाए हैं।

(a) जाल की क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर रेखाएँ जहाँ मिलती हैं, वहाँ 90° का कोण बनता है। समकोणक से मिलान करके हमने इन रेखाओं को लम्बवत पहचाना।
(b) जो रेखाएँ एक ही दिशा में हैं और जिनके बीच की लम्बवत दूरी समान रहती है, वे समांतर हैं। जाल की मदद से दिशा और दूरी की तुलना की। ऐसी रेखाएँ आगे बढ़ाने पर भी नहीं मिलेंगी।
3. नीचे दिए बिंदुकित कागज पर समांतर रेखाओं के विभिन्न समूह बनाइए। रेखाखंड विभिन्न लंबाइयों के हो सकते हैं किंतु उनके अंत-बिंदु बिंदुकित होने चाहिए।
उत्तर:
हमने क्षैतिज, ऊर्ध्वाधर और दो प्रकार की तिरछी समांतर रेखाओं के समूह बनाए हैं। प्रत्येक रेखाखंड के दोनों अंत-बिंदु बिंदुओं पर हैं।
तिरछी रेखाएँ खींचते समय दोनों रेखाओं में दाईं ओर और ऊपर या नीचे जाने के कदमों का अनुपात समान रखा है। इसलिए उनका झुकाव समान है। रेखाखंडों की लंबाइयाँ अलग होने पर भी उनकी रेखाएँ समांतर हो सकती हैं।

4. अपनी समझ का उपयोग करके बताइए कि समांतर रेखाएँ कैसी दिखती हैं तथा इस बिंदुकित कागज पर दिए गए रेखाखंडों के समांतर रेखाएँ खींचने का प्रयत्न कीजिए।

(a) क्या आपको इनमें से कुछ रेखाएँ खींचना चुनौतीपूर्ण लगा?
(b) कौन-सी रेखाएँ खींचना चुनौतीपूर्ण लगा?
(c) आपने इसे कैसे किया?
उत्तर:
समांतर रेखाएँ एक ही दिशा में जाती हैं और उनके बीच की दूरी समान रहती है। उन्हें कितना भी आगे बढ़ाएँ, वे नहीं मिलतीं। प्रत्येक काले रेखाखंड के समांतर नीला रेखाखंड खींचा है।

(a) हाँ, कुछ तिरछी रेखाओं के समांतर रेखाएँ खींचना थोड़ा चुनौतीपूर्ण लगा।
(b) मुझे e, f, g और h के समांतर रेखाएँ खींचना अधिक कठिन लगा, क्योंकि उनका झुकाव 45° वाला नहीं है।
(c) मैंने बिंदुओं के बीच कदम गिने और दूसरी जगह वही दिशा दोहराई। जैसे e में 1 कदम दाईं ओर और 3 कदम नीचे जाते हैं; f में 1 कदम दाईं ओर और 6 कदम नीचे। इसी तरह g में 5 कदम दाईं ओर और 2 कदम ऊपर तथा h में 10 कदम दाईं ओर और 3 कदम नीचे जाते हैं। इन कदमों को दोहराने से उसी झुकाव की समांतर रेखा मिली।
5. चित्र 5.13 में कौन-सी रेखा, रेखा a के समांतर है – रेखा b या रेखा c? आपने यह कैसे सुनिश्चित किया?

उत्तर:
रेखा c, रेखा a के समांतर है, अर्थात् a ∥ c।
जाँच के लिए समकोणक की एक भुजा रेखा a पर रखते हैं। दूसरी भुजा के सहारे मापक को स्थिर रखते हुए समकोणक को खिसकाते हैं। उसका किनारा रेखा c की दिशा से मिलता है, जबकि रेखा b की दिशा अलग है। इस तरह समांतर रेखा पहचान सकते हैं।
कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 119 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 119 – पता लगाइए
क्या आप रेखा l के समांतर एक रेखा खींच सकते हैं जो बिंदु A से होकर जाती है? आप इसे अपने ज्यामिति बॉक्स के उपकरणों से कैसे करेंगे? अपनी विधि का उल्लेख कीजिए।

उत्तर:
हाँ। मापक और समकोणक से हम यह रचना कर सकते हैं।
(i) समकोणक की एक भुजा रेखा l पर रखकर उसे इस तरह खिसकाते हैं कि उसकी दूसरी भुजा बिंदु A से होकर जाए।
(ii) दूसरी भुजा के सहारे A से रेखा l तक लम्बवत रेखा खींचते हैं। वह l से जहाँ मिलती है, उस बिंदु को B कहते हैं।
(iii) अब A पर रेखा AB की लम्बवत रेखा m खींचते हैं।
रेखाएँ l और m, दोनों AB के साथ 90° का कोण बनाती हैं। इसलिए संगत कोण बराबर हैं और m ∥ l है। रेखा m बिंदु A से भी गुजरती है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश के पेज 123 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:
पेज 123 – पता लगाइए
1. नीचे दिए गए चिह्नित कोणों को ज्ञात कीजिए-

उत्तर:
चित्रों में एक जैसे तीरों वाली रेखाएँ समांतर हैं। इन्हें काटने वाली रेखा से बने संगत कोण तथा एकांतर कोण बराबर होते हैं। एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180° होता है।
(a) a और 48° एकांतर कोण हैं। इसलिए a = 48°।
(b) b और 52° एकांतर कोण हैं। इसलिए b = 52°।
(c) c और 99° तिर्यक रेखा के एक ही ओर के अंतः कोण हैं।
c + 99° = 180°
c = 180° − 99° = 81°।
(d) d और 99° एकांतर कोण हैं। इसलिए d = 99°।
(e) दाईं तिर्यक रेखा से बने e और 69° एकांतर कोण हैं। इसलिए e = 69°।
(f) f और 132° एक ही ओर के अंतः कोण हैं।
f = 180° − 132° = 48°।
(g) g, दाएँ प्रतिच्छेद पर नीचे बाईं ओर बने 122° कोण का संगत कोण है। इसलिए g = 122°।
(h) h और 75° एकांतर कोण हैं। इसलिए h = 75°।
(i) दो तिरछी समांतर रेखाओं को काटने वाली रेखा से बने i और 54° एकांतर कोण हैं। इसलिए i = 54°।
(j) नीचे की ओर ढलती तिर्यक रेखा पर j और 97° एकांतर कोण हैं। इसलिए j = 97°।
2. नीचे दी गई आकृतियों में संकेत a द्वारा निर्देशित कोणों का मान ज्ञात कीजिए-

उत्तर:
ऊपर बाईं आकृति:
नीचे वाली समांतर रेखा पर a के साथ रैखिक युग्म बनाने वाला कोण 42° है, क्योंकि वह ऊपर के 42° का संगत कोण है।
इसलिए a = 180° − 42° = 138°।
ऊपर दाईं आकृति:
दाईं तिरछी रेखा पर नीचे दाईं ओर का कोण 62° होगा, क्योंकि संगत कोण बराबर होते हैं। दोनों तिरछी रेखाएँ भी समांतर हैं, इसलिए बाएँ निचले प्रतिच्छेद पर नीचे दाईं ओर का कोण भी 62° होगा।
a उसके साथ रैखिक युग्म बनाता है।
इसलिए a = 180° − 62° = 118°।
नीचे बाईं आकृति:
बाईं तिरछी रेखा के साथ बीच की समांतर रेखा पर बना ऊपर दाईं ओर का कोण 110° है, क्योंकि वह दिए गए 110° का संगत कोण है।
इसमें 35° का कोण शामिल है। इसलिए दूसरी तिरछी रेखा और बीच की रेखा की दाईं ओर की किरण के बीच का कोण = 110° − 35° = 75°।
उसके साथ रैखिक युग्म बनाने वाला ऊपर बाईं ओर का कोण = 180° − 75° = 105°।
a इसी 105° का संगत कोण है। अतः a = 105°।
नीचे दाईं आकृति:
ऊर्ध्वाधर रेखा क्षैतिज रेखा पर लंब है। इसलिए उनके बीच 90° का कोण है।
बाईं तिरछी रेखा और ऊर्ध्वाधर रेखा के बीच का कोण = 90° − 67° = 23°।
दोनों तिरछी रेखाएँ समांतर हैं। ऊर्ध्वाधर रेखा से बने यह कोण और a एकांतर कोण हैं। इसलिए a = 23°।
3. नीचे दिए गए चित्रों में कोण x और y के क्या मान हैं?

उत्तर:
पहला चित्र:
ऊर्ध्वाधर रेखा ऊपर वाली रेखा पर लंब है। दोनों क्षैतिज रेखाएँ समांतर हैं, इसलिए यह नीचे वाली रेखा पर भी लंब है।
नीचे के प्रतिच्छेद पर तिरछी रेखा और दाईं ओर की क्षैतिज किरण के बीच का कोण = 90° − 65° = 25°।
x इसका शीर्षाभिमुख कोण है। इसलिए x = 25°।
ऊपर वाले प्रतिच्छेद पर ऊपर दाईं ओर का कोण भी 25° है, क्योंकि संगत कोण बराबर हैं। y इसके साथ रैखिक युग्म बनाता है।
इसलिए y = 180° − 25° = 155°।
दूसरा चित्र:
ऊपर वाली समांतर रेखा पर दोनों तिरछी रेखाओं के दाईं ओर के कोण क्रमशः 78° और 53° हैं, क्योंकि संगत कोण बराबर होते हैं।
दोनों तिरछी रेखाओं के बीच का कोण x इनका अंतर है।
इसलिए x = 78° − 53° = 25°।
4. चित्र 5.33 में ∠ABC = 45° और ∠IKJ = 78° है। ∠GEH, ∠HEF और ∠FED ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
दोनों क्षैतिज रेखाएँ समांतर हैं। तिरछी रेखा H–E–B–C के लिए संगत कोण बराबर हैं।
इसलिए ∠BED = ∠ABC = 45°।
∠GEH, ∠BED का शीर्षाभिमुख कोण है। अतः ∠GEH = 45°।
K पर नीचे दाईं ओर बना कोण ∠IKJ का शीर्षाभिमुख कोण है, इसलिए उसका मान 78° है। ∠FED इसका संगत कोण है।
अतः ∠FED = 78°।
G, E और D एक सीधी रेखा पर हैं। नीचे की ओर बने तीनों कोणों का योग 180° होगा।
∠GEH + ∠HEF + ∠FED = 180°
45° + ∠HEF + 78° = 180°
∠HEF = 180° − 45° − 78° = 57°।
अतः ∠GEH = 45°, ∠HEF = 57° और ∠FED = 78°।
5. चित्र 5.34 में AB, CD के समांतर है एवं CD, EF के समांतर है। साथ ही EA, AB पर लम्ब है। यदि ∠BEF = 55° हो तो x और y के मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर:
AB, CD और EF तीनों रेखाएँ समांतर हैं। तिरछी रेखा B–D–E इन्हें काटती है।
D पर नीचे बाईं ओर का कोण ∠BEF का संगत कोण है, इसलिए उसका मान 55° है।
y उसके साथ रैखिक युग्म बनाता है।
इसलिए y = 180° − 55° = 125°।
x और y संगत कोण हैं। अतः x = y = 125°।
6. चित्र 5.35 में कोण ∠NOP का माप क्या है?

(संकेत—बिंदुओं N और O से होकर जाती हुई LM व PQ के समांतर रेखाएँ खींचिए।)
उत्तर:
N से LM के समांतर रेखा खींचकर उस पर N के नीचे A लेते हैं। O से भी समांतर रेखा खींचकर उस पर O के ऊपर B लेते हैं।

LM और NA समांतर हैं। इन्हें काटने वाली MN से बने एकांतर कोण बराबर होंगे।
इसलिए ∠MNA = ∠LMN = 40°।
अब ∠MNO = ∠MNA + ∠ANO है।
96° = 40° + ∠ANO
∠ANO = 96° − 40° = 56°।
NA और OB समांतर हैं। तिर्यक रेखा NO से बने एकांतर कोण बराबर होंगे।
इसलिए ∠NOB = ∠ANO = 56°।
इसी प्रकार OB और PQ समांतर होने से ∠BOP = ∠OPQ = 52°।
अतः ∠NOP = ∠NOB + ∠BOP = 56° + 52° = 108°।
कोणों वाले प्रश्नों में कारण लिखना न भूलें
इस अध्याय में किसी कोण का माप लिख देना ही पर्याप्त नहीं है; हर चरण के साथ यह भी लिखें कि कोण संगत, एकांतर या शीर्षाभिमुख होने के कारण बराबर है अथवा रैखिक युग्म होने के कारण दोनों का योग 180 अंश है। चित्र में पहले तिर्यक रेखा और समांतर रेखाओं को पहचानें, फिर कोणों के जोड़े ढूँढ़ें। मापक और चाँदे की सहायता से समांतर रेखाएँ स्वयं खींचकर भी अभ्यास करें।
रेखाओं और कोणों की यह समझ भाग 1 के अध्याय 7 ‘तीन प्रतिच्छेदी रेखाओं की एक कथा’ में त्रिभुजों के अध्ययन का आधार बनती है, इसलिए ज्यामिति के दोनों अध्याय क्रम से पढ़ें। पूरी पुस्तक के अध्यायवार समाधान कक्षा 7 गणित एनसीईआरटी समाधान पृष्ठ पर मिलेंगे।
