एनसीईआरटी समाधान कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 3 सर्वनिष्ठ आधार की खोज

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 3 ‘सर्वनिष्ठ आधार की खोज’ के एनसीईआरटी समाधान – सभी प्रश्नों के हल विस्तार से सत्र 2026-27 के लिए यहाँ दिए गए हैं।कक्षा 7 गणित पाठ 3 के एनसीईआरटी समाधान हिंदी माध्यम में दिए गए हैं। समीक्षा के घर के फर्श पर एक जैसे वर्गाकार पत्थर लगाने की समस्या से आरंभ होकर यह अध्याय महत्तम समापवर्तक (म.स.प.) और लघुत्तम समापवर्त्य (ल.स.प.) की अवधारणा समझाता है।

एनसीईआरटी कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 3 समाधान

कक्षा 7 गणित भाग 2 अध्याय 3 में अभाज्य गुणनखंडन से किसी संख्या के सभी गुणनखंड ज्ञात करना और म.स.प. तथा ल.स.प. निकालने की विधियाँ सम्मिलित हैं। व्यावहारिक समस्याओं के हल सत्र 2026-27 की पुस्तक के अनुसार चरणबद्ध हैं।
कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 51 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 51 – पता लगाइए

निम्नलिखित संख्याओं के सभी गुणनखंडों की सूची बनाइए-

(a) 90
(b) 105
(c) 132
(d) 360 (इस संख्या के 24 गुणनखंड हैं)
(e) 840 (इस संख्या के 32 गुणनखंड हैं)

कुछ अभाज्य गुणनखंडनों का अवलोकन करने के पश्चात अंशु दावा करती है, “कोई संख्या जितनी बड़ी होगी, उसका अभाज्य गुणनखंडन उतना ही लंबा होगा।”
अंशु के दावे के संबंध में आपका क्या विचार है?
उत्तर:
पहले संख्या को अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में लिखते हैं। इनमें से एक या अधिक गुणनखंड चुनकर गुणा करने पर उस संख्या के गुणनखंड मिलते हैं। 1 भी हर संख्या का गुणनखंड है।

(a) 90 = 2 × 3 × 3 × 5। जैसे, 2 × 3 = 6 और 3 × 3 × 5 = 45, इसलिए 6 और 45 दोनों 90 के गुणनखंड हैं।
90 के सभी गुणनखंड हैं— 1, 2, 3, 5, 6, 9, 10, 15, 18, 30, 45, 90।

(b) 105 = 3 × 5 × 7।
105 के गुणनखंड हैं— 1, 3, 5, 7, 15, 21, 35, 105।

(c) 132 = 2 × 2 × 3 × 11।
132 के गुणनखंड हैं— 1, 2, 3, 4, 6, 11, 12, 22, 33, 44, 66, 132।

(d) 360 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 5।
इसके 24 गुणनखंड हैं— 1, 2, 3, 4, 5, 6, 8, 9, 10, 12, 15, 18, 20, 24, 30, 36, 40, 45, 60, 72, 90, 120, 180, 360।

(e) 840 = 2 × 2 × 2 × 3 × 5 × 7।
इसके 32 गुणनखंड हैं— 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 10, 12, 14, 15, 20, 21, 24, 28, 30, 35, 40, 42, 56, 60, 70, 84, 105, 120, 140, 168, 210, 280, 420, 840।

अंशु का दावा हर संख्या के लिए सही नहीं है। उदाहरण के लिए, 96 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 3, जबकि 121 = 11 × 11। यहाँ 121 बड़ी संख्या है, फिर भी उसके गुणनखंडन में केवल दो अभाज्य गुणनखंड हैं, जबकि 96 में छह हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 53 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 53 – पता लगाइए

निम्नलिखित संख्याओं का सार्व गुणनखंड तथा म.स.प. ज्ञात कीजिए-

(a) 50, 60
(b) 140, 275
(c) 77, 725
(d) 370, 592
(e) 81, 243
सभी गुणनखंडों की सूची बनाए बिना हम म.स.प. कैसे ज्ञात करते हैं?
उत्तर:
जो गुणनखंड दोनों संख्याओं में हों, वे उनके सार्व गुणनखंड हैं। इनमें सबसे बड़ा उनका महत्तम समापवर्तक (म.स.प.) है।

(a) 50 = 2 × 5 × 5 और 60 = 2 × 2 × 3 × 5।
दोनों में एक 2 और एक 5 है। अतः म.स.प. = 2 × 5 = 10। 10 के गुणनखंड 1, 2, 5 और 10 ही इनके सभी सार्व गुणनखंड हैं।

(b) 140 = 2 × 2 × 5 × 7 और 275 = 5 × 5 × 11।
दोनों में केवल एक 5 मिलता है। सार्व गुणनखंड 1 और 5 हैं। म.स.प. = 5।

(c) 77 = 7 × 11 और 725 = 5 × 5 × 29।
कोई भी अभाज्य गुणनखंड दोनों में नहीं है। इसलिए 1 ही इनका सार्व गुणनखंड है और म.स.प. = 1।

(d) 370 = 2 × 5 × 37 और 592 = 2 × 2 × 2 × 2 × 37।
दोनों में 2 और 37 मिलते हैं। इसलिए म.स.प. = 2 × 37 = 74। सार्व गुणनखंड 1, 2, 37 और 74 हैं।

(e) 81 = 3 × 3 × 3 × 3 और 243 = 3 × 3 × 3 × 3 × 3।
दोनों में चार बार 3 मिलता है। अतः म.स.प. = 3 × 3 × 3 × 3 = 81। सार्व गुणनखंड 1, 3, 9, 27 और 81 हैं।

सभी गुणनखंडों की सूची बनाए बिना म.स.प. निकालने के लिए दोनों संख्याओं के अभाज्य गुणनखंडन लिखते हैं। जो अभाज्य गुणनखंड दोनों में आता है, उसे दोनों में से कम बार गिनते हैं। जैसे, भाग (e) में 3 एक संख्या में चार बार और दूसरी में पाँच बार है, इसलिए हमने उसे चार बार लिया। इस तरह चुने गए गुणनखंडों का गुणनफल म.स.प. है। यदि कोई अभाज्य गुणनखंड दोनों में न मिले, तो म.स.प. 1 होता है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 54 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 54 – पता लगाइए

1. निम्नलिखित संख्याओं का म.स.प. ज्ञात कीजिए-

(a) 24, 180
(b) 42, 75, 24
(c) 240, 378
(d) 400, 2500
(e) 300, 800
उत्तर:
म.स.प. निकालने के लिए सभी संख्याओं का अभाज्य गुणनखंडन करते हैं। जो अभाज्य गुणनखंड सभी में मिलते हैं, उन्हें उतनी ही बार लेते हैं जितनी बार वे सबसे कम आए हैं।

(a) 24 = 2 × 2 × 2 × 3 और 180 = 2 × 2 × 3 × 3 × 5।
दोनों में 2 दो बार और 3 एक बार मिलता है। अतः म.स.प. = 2 × 2 × 3 = 12।

(b) 42 = 2 × 3 × 7, 75 = 3 × 5 × 5 और 24 = 2 × 2 × 2 × 3।
केवल 3 तीनों संख्याओं में मिलता है। अतः म.स.प. = 3।

(c) 240 = 2 × 2 × 2 × 2 × 3 × 5 और 378 = 2 × 3 × 3 × 3 × 7।
दोनों में एक 2 और एक 3 मिलते हैं। अतः म.स.प. = 2 × 3 = 6।

(d) 400 = 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 5 और 2500 = 2 × 2 × 5 × 5 × 5 × 5।
अतः म.स.प. = 2 × 2 × 5 × 5 = 100।

(e) 300 = 2 × 2 × 3 × 5 × 5 और 800 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 5।
अतः म.स.प. = 2 × 2 × 5 × 5 = 100।

2. संख्याओं 72 और 144 पर विचार कीजिए। मान लीजिए कि इन्हें भाज्य संख्याओं में इस प्रकार विभाजित किया गया है— 72 = 6 × 12 और 144 = 8 × 18, इस विभाजन को देखते हुए क्या कोई कह सकता है कि इन दोनों संख्याओं में 1 के अतिरिक्त कोई अन्य सार्व गुणनखंड नहीं है? ऐसा क्यों नहीं कहा जा सकता है?

उत्तर:
नहीं। 6, 12, 8 और 18 स्वयं भाज्य संख्याएँ हैं। जैसे, 6 और 8 दोनों में 2 गुणनखंड है। इसलिए 2, 72 और 144 दोनों को विभाजित करता है। इसी तरह 3 भी दोनों का गुणनखंड है। वास्तव में 144 = 2 × 72 है, इसलिए 72 स्वयं दोनों का सबसे बड़ा सार्व गुणनखंड है।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 58 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 58 – पता लगाइए

निम्नलिखित संख्याओं का ल.स.प. ज्ञात कीजिए-

(a) 30, 72
(b) 36, 54
(c) 105, 195, 65
(d) 222, 370
उत्तर:
ल.स.प. में हर संख्या के सभी अभाज्य गुणनखंड आने चाहिए। इसलिए प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड को उतनी बार लेते हैं जितनी बार वह किसी एक संख्या में सबसे अधिक आया है।

(a) 30 = 2 × 3 × 5 और 72 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3।
हमें तीन 2, दो 3 और एक 5 चाहिए। अतः ल.स.प. = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 5 = 360।

(b) 36 = 2 × 2 × 3 × 3 और 54 = 2 × 3 × 3 × 3।
अतः ल.स.प. = 2 × 2 × 3 × 3 × 3 = 108।

(c) 105 = 3 × 5 × 7, 195 = 3 × 5 × 13 और 65 = 5 × 13।
अतः ल.स.प. = 3 × 5 × 7 × 13 = 1365।

(d) 222 = 2 × 3 × 37 और 370 = 2 × 5 × 37।
अतः ल.स.प. = 2 × 3 × 5 × 37 = 1110।




कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 59 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 59 – पता लगाइए

1. निम्नलिखित संख्या युग्मों के म.स.प. के संबंध में एक व्यापक कथन बनाइए। व्यापक कथन बनाने से पूर्व आप उदाहरणों पर विचार कर सकते हैं। इन कथनों के सत्य होने की संभावित व्याख्याओं पर विचार कीजिए।

(a) दो क्रमागत सम संख्याएँ
(b) दो क्रमागत विषम संख्याएँ
(c) दो सम संख्याएँ
(d) दो क्रमागत संख्याएँ
(e) दो सह-अभाज्य संख्याएँ
अपने अवलोकन कक्षा के साथ साझा कीजिए।
उत्तर:
(a) दो क्रमागत सम संख्याओं का म.स.प. 2 होता है। जैसे, 8 और 10 दोनों 2 से विभाजित होते हैं। दोनों संख्याओं का कोई भी सार्व गुणनखंड उनके अंतर को भी विभाजित करता है। यहाँ अंतर केवल 2 है, इसलिए 2 से बड़ा कोई सार्व गुणनखंड नहीं हो सकता।

(b) दो क्रमागत विषम संख्याओं का म.स.प. 1 होता है। जैसे, 9 और 11 में अंतर 2 है। इसलिए सार्व गुणनखंड 1 या 2 ही हो सकता है। दोनों संख्याएँ विषम हैं, इसलिए 2 उनका गुणनखंड नहीं है।

(c) किन्हीं दो सम संख्याओं का म.स.प. भी सम होता है। दोनों के अभाज्य गुणनखंडन में 2 अवश्य आता है, इसलिए उनके म.स.प. में भी 2 गुणनखंड होगा। जैसे, 8 और 12 का म.स.प. 4 है, जबकि 12 और 18 का म.स.प. 6 है।

(d) दो क्रमागत संख्याओं का म.स.प. 1 होता है। उनका अंतर 1 होता है और 1 को विभाजित करने वाला एकमात्र धनात्मक पूर्णांक 1 है। जैसे, 14 और 15 का म.स.प. 1 है।

(e) दो सह-अभाज्य संख्याओं का म.स.प. 1 होता है, क्योंकि 1 के अतिरिक्त उनका कोई सार्व गुणनखंड नहीं होता। जैसे, 8 और 15 का म.स.प. 1 है।

2. 3 और 24 का लघुतम समापवर्त्य 24 है (यह दी गई दो संख्याओं में से एक है)।

(a) ऐसे अन्य संख्या युग्म ज्ञात कीजिए जहाँ ल.स.प. दो संख्याओं में से एक हो।
(b) ऐसी संख्याओं के बारे में एक व्यापक कथन बनाइए। बीजगणित का प्रयोग करके ऐसे संख्या युग्मों को समझाइए।
उत्तर:
(a) 4 और 12 का ल.स.प. 12 है। इसी तरह 5 और 20 का ल.स.प. 20 है और 8 और 16 का ल.स.प. 16 है। हर जोड़े में बड़ी संख्या छोटी संख्या का गुणज है।

(b) जब एक संख्या दूसरी की गुणज होती है, तब बड़ी संख्या ही उनका ल.स.प. होती है। मान लीजिए कि संख्याएँ a और k × a हैं, जहाँ a और k धनात्मक पूर्णांक हैं। संख्या k × a दोनों की गुणज है। इससे छोटा कोई धनात्मक गुणज k × a का नहीं हो सकता। इसलिए इनका ल.स.प. k × a है। उलटे, यदि ल.स.प. दी हुई संख्याओं में से एक है, तो उसे दूसरी संख्या का भी गुणज होना होगा।

3. निम्नलिखित संख्या युग्मों के ल.स.प. के बारे में एक व्यापक कथन बनाइए। इन व्यापक कथनों पर विचार करने से पूर्व आप उदाहरणों पर विचार कर सकते हैं। इन कथनों के सत्य होने की संभावित व्याख्याओं पर विचार कीजिए।

(a) 3 के दो गुणज
(b) दो क्रमागत सम संख्याएँ
(c) दो क्रमागत संख्याएँ
(d) दो सह-अभाज्य संख्याएँ
उत्तर:
(a) 3 के दो गुणजों का ल.स.प. भी 3 का गुणज होता है। जैसे, 6 और 9 का ल.स.प. 18 है। यदि दोनों संख्याओं को 3 से भाग दें तो 2 और 3 मिलते हैं, जिनका ल.स.प. 6 है। उसे फिर 3 से गुणा करने पर 18 मिलता है। सामान्य रूप से भी यही होगा, क्योंकि 3 के दोनों गुणजों के हर सार्व गुणज को 3 से भाग देने पर छोटी संख्याओं का एक सार्व गुणज मिलता है।

(b) दो क्रमागत सम संख्याओं का ल.स.प. उनके गुणनफल का आधा होता है। जैसे, 8 और 10 को 2 से भाग देने पर 4 और 5 मिलते हैं। ये क्रमागत हैं, इसलिए इनमें कोई अभाज्य गुणनखंड साझा नहीं है। ल.स.प. के लिए साझा 2 को एक बार लेकर शेष दोनों संख्याएँ गुणा करेंगे। अतः ल.स.प. = 2 × 4 × 5 = 40, जो (8 × 10) ÷ 2 के बराबर है।

(c) दो क्रमागत संख्याओं का ल.स.प. उनका गुणनफल होता है। उनका म.स.प. 1 है, इसलिए उनके अभाज्य गुणनखंडों में कोई गुणनखंड साझा नहीं होता। सभी गुणनखंड लेने पर दोनों संख्याओं का गुणनफल मिलता है। जैसे, 5 और 6 का ल.स.प. = 5 × 6 = 30।

(d) दो सह-अभाज्य संख्याओं का ल.स.प. भी उनका गुणनफल होता है। जैसे, 8 = 2 × 2 × 2 और 15 = 3 × 5। इनमें कोई अभाज्य गुणनखंड साझा नहीं है। इसलिए ल.स.प. = 2 × 2 × 2 × 3 × 5 = 120 = 8 × 15।




कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 के पेज 63 पर दिए गए प्रश्नों के उत्तर:

पेज 63 – पता लगाइए

1. नीचे दी गई दो पंक्तियों में रंगों को दोहराया गया है। नीले तारे अगली बार कब मिलेंगे?

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 3 पेज 63 पता लगाइए के प्रश्न 1 का चित्र

उत्तर:
बाएँ से गिनने पर चौथे स्थान पर दोनों तारे नीले हैं। पहली पंक्ति के रंग हर 6 स्थान बाद दोहराते हैं, इसलिए उसमें नीले तारे 4वें, 10वें और 16वें स्थान पर आते हैं। दूसरी पंक्ति के रंग हर 4 स्थान बाद दोहराते हैं, इसलिए उसमें नीले तारे 4वें, 8वें, 12वें और 16वें स्थान पर आते हैं।
6 और 4 का ल.स.प. 12 है। इसलिए चौथे स्थान से 12 स्थान आगे, यानी 16वें स्थान पर, नीले तारे फिर एक साथ मिलेंगे।
नीचे के चित्र में नीले तारे अपनी-अपनी जगह पर हैं। बाकी रंगों की जगह छोटे बिंदु रखे हैं।

कक्षा 7 गणित प्रकाश भाग 2 अध्याय 3 पेज 63 पता लगाइए के प्रश्न 1 के उत्तर का चित्र

2. (a) क्या 5 × 7 × 7 × 11 × 2 का गुणज 5 × 7 × 11 × 11 है?

(b) क्या 5 × 7 × 7 × 11 × 2 का एक गुणनखंड 5 × 7 × 11 × 11 है?
उत्तर:
(a) नहीं। यदि दूसरी संख्या पहली का गुणज होती, तो उसमें पहली संख्या के सभी अभाज्य गुणनखंड कम से कम उतनी ही बार आते। पहली संख्या में 2 है और 7 दो बार है। दूसरी संख्या में 2 नहीं है और 7 केवल एक बार है।
(b) नहीं। दूसरी संख्या में 11 दो बार है, जबकि पहली में 11 केवल एक बार है। इसलिए दूसरी संख्या पहली को पूरी तरह नहीं बाँटती और उसका गुणनखंड नहीं है।

3. निम्नलिखित का म.स.प. और ल.स.प. ज्ञात कीजिए (अपने उत्तर अभाज्य गुणनखंडनों के रूप में दीजिए) –

(a) 3 × 3 × 5 × 7 × 7 और 12 × 7 × 11
(b) 45 और 36
उत्तर:
(a) पहली संख्या = 3 × 3 × 5 × 7 × 7 और दूसरी संख्या = 2 × 2 × 3 × 7 × 11।
दोनों में 3 और 7 कम से कम एक-एक बार हैं। इसलिए म.स.प. = 3 × 7।
ल.स.प. के लिए हर अभाज्य गुणनखंड को उतनी बार लेते हैं जितनी बार वह किसी एक संख्या में सबसे अधिक है। अतः ल.स.प. = 2 × 2 × 3 × 3 × 5 × 7 × 7 × 11।

(b) 45 = 3 × 3 × 5 और 36 = 2 × 2 × 3 × 3।
दोनों में 3 दो-दो बार है। इसलिए म.स.प. = 3 × 3।
ल.स.प. = 2 × 2 × 3 × 3 × 5।

4. दो संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनका म.स.प. 1 और ल.स.प. 66 है।

उत्तर:
66 = 2 × 3 × 11 है। मैंने 2 × 3 = 6 और 11 को चुना। 6 और 11 का एकमात्र सार्व गुणनखंड 1 है। इसलिए उनका म.स.प. 1 है और ल.स.प. 6 × 11 = 66 है। अतः एक जोड़ी 6 और 11 है।

5. एक चरवाहा अपनी सभी गायों को खेतों में चराने ले गया। गायें तीन द्वारों वाले एक मोड़ पर पहुँचीं। प्रत्येक द्वार से बराबर संख्या में गायें निकलीं। इसके पश्चात गायें पाँच द्वारों वाले एक और मोड़ पर पहुँची। यहाँ भी प्रत्येक द्वार से बराबर संख्या में गायें निकलीं। यही बात सात द्वारों वाले तीसरे मोड़ पर भी हुई। यदि चरवाहे के पास 200 से कम गायें थीं तो उसके पास कुल कितनी गायें थीं? (कर्नाटक की लोककथाओं के गणित पर आधारित।)

उत्तर:
हर मोड़ पर गायें बराबर बँट गईं। इसलिए उनकी कुल संख्या 3, 5 और 7 से पूरी-पूरी विभाजित होगी। इन तीनों का ल.स.प. 3 × 5 × 7 = 105 है। इसका अगला गुणज 210 है, जो 200 से बड़ा है। इसलिए चरवाहे के पास 105 गायें थीं।




6. एक डिब्बे की लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई क्रमशः 12 cm, 18 cm और 36 cm है। निम्नलिखित में से किस आकार के घनों को इस डिब्बे में इस प्रकार पैक किया जा सकता है कि कोई स्थान ना छूटे?

(a) 9 cm
(b) 6 cm
(c) 4 cm
(d) 3 cm
(e) 2 cm
उत्तर:
जगह खाली न छूटे, इसके लिए घन की भुजा से डिब्बे की तीनों माप पूरी-पूरी बँटनी चाहिए। 12, 18 और 36 का म.स.प. 6 है। इसके गुणनखंड 1, 2, 3 और 6 हैं। दिए गए विकल्पों में 6, 3 और 2 तीनों मापों को बाँटते हैं।
9 से 12 नहीं बँटता और 4 से 18 नहीं बँटता। अतः सही विकल्प (b) 6 सेमी, (d) 3 सेमी और (e) 2 सेमी हैं।

7. नीचे दी गई संख्याओं में से वह सबसे बड़ी संख्या कौन-सी है जो 306 और 36 दोनों को पूर्णतः विभाजित करती है?

(a) 36
(b) 612
(c) 18
(d) 3
(e) 2
(f) 360
उत्तर:
306 = 2 × 3 × 3 × 17 और 36 = 2 × 2 × 3 × 3।
साझे गुणनखंडों से म.स.प. = 2 × 3 × 3 = 18 है। इसलिए दोनों को पूरी तरह बाँटने वाली सबसे बड़ी संख्या 18 है। सही विकल्प (c) है।

8. वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जो 3, 4, 5 और 7 से विभाज्य हो, परंतु जिसे 11 से विभाजित करने पर शेषफल 10 प्राप्त हो।

उत्तर:
3, 4, 5 और 7 का ल.स.प. = 3 × 4 × 5 × 7 = 420। इसलिए हमें 420 के गुणजों में खोज करनी है।
420 = 11 × 38 + 2 है। अतः 420, 840, 1260, 1680 और 2100 को 11 से भाग देने पर क्रमशः 2, 4, 6, 8 और 10 शेष बचते हैं। पहली बार शेषफल 10 पाँचवें गुणज पर आया। इसलिए सबसे छोटी ऐसी संख्या 2100 है।

9. बच्चे ‘पहाड़ में आग’ नामक खेल रहे हैं। जब संख्या 6 पुकारी गई तो कोई भी बाहर नहीं हुआ। जब संख्या 9 पुकारी गई तो कोई भी बाहर नहीं हुआ। किंतु जब संख्या 10 पुकारी गई तो कुछ लोग बाहर गए। प्रारंभ में कितने बच्चे खेल रहे होंगे?

(a) 72
(b) 90
(c) 45
(d) 3
(e) 36
(f) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
6 और 9 के समूह बनाने पर कोई बच्चा नहीं बचा, इसलिए बच्चों की संख्या दोनों से विभाज्य है। 6 और 9 का ल.स.प. 18 है। विकल्पों में 18 के गुणज 72, 90 और 36 हैं।
10 के समूह बनाने पर कुछ बच्चे बच गए, इसलिए 90 नहीं हो सकता। 72 को 10 से भाग देने पर 2 बच्चे और 36 को 10 से भाग देने पर 6 बच्चे बचते हैं। अतः (a) 72 और (e) 36, दोनों संभव हैं।

10. सही कथन पर चिह्न लगाइए। दो भिन्न अभाज्य संख्याओं (m, n) का ल.स.प. हो सकता है –

(a) दोनों संख्याओं से कम
(b) दो संख्याओं के बीच में
(c) दोनों संख्याओं से बड़ा
(d) m × n से कम
(e) m × n से अधिक
उत्तर:
(c) दोनों संख्याओं से बड़ा।
दो भिन्न अभाज्य संख्याओं का केवल 1 ही सार्व गुणनखंड होता है। इसलिए उनका ल.स.प. उनका गुणनफल m × n है। चूँकि दोनों संख्याएँ 1 से बड़ी हैं, यह गुणनफल उनमें से प्रत्येक से बड़ा है।

11. एक कुत्ता एक खरगोश का पीछा कर रहा है जो 150 ft आगे है। जब खरगोश 7 ft आगे कूदता है तो कुत्ता 9 ft आगे कूदता है। कितनी छलाँगों में कुत्ता खरगोश को पकड़ लेता है?

उत्तर:
दोनों की एक-एक छलाँग में कुत्ता खरगोश से 9 − 7 = 2 फुट अधिक आगे बढ़ता है। यानी उनके बीच की दूरी हर बार 2 फुट घटती है। शुरू में दूरी 150 फुट थी, इसलिए कुत्ता 150 ÷ 2 = 75 छलाँगों में खरगोश को पकड़ लेता है।

12. वह सबसे छोटी संख्या कौन-सी है जो 1, 2, 3, 4, 5, 6, 8, 9, 10 का गुणज है? क्या आपको कक्षा 6 के अध्याय 5 का उत्तर स्मरण है?

उत्तर:
हमें इन संख्याओं का ल.स.प. चाहिए। 8 = 2 × 2 × 2 और 9 = 3 × 3 हैं। इनके साथ 5 लेने पर सूची की बाकी संख्याओं के गुणनखंड भी आ जाते हैं। जैसे 6 के लिए 2 × 3 और 10 के लिए 2 × 5 चाहिए।
इसलिए सबसे छोटा सार्व गुणज = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 5 = 360।

13. यहाँ प्राचीन भारतीय गणितज्ञ महावीराचार्य (850 सामान्य संवत) द्वारा प्रस्तुत की गई एक समस्या दी गई है। 8/15, 1/20, 7/36, 11/63 और 1/21 को जोड़िए।

आपको क्या प्राप्त हुआ? हम इस योग को कुशलतापूर्वक कैसे ज्ञात कर सकते हैं?
उत्तर:
मैंने पहले ऐसी भिन्नों को साथ लिया जिन्हें जोड़ना आसान है।
8/15 + 1/20 = 32/60 + 3/60 = 35/60 = 7/12।
11/63 + 1/21 = 11/63 + 3/63 = 14/63 = 2/9।
अब दूसरी जोड़ी के योग में बची हुई भिन्न 7/36 जोड़ते हैं। 2/9 + 7/36 = 8/36 + 7/36 = 15/36 = 5/12।
अंत में 7/12 + 5/12 = 12/12 = 1। इस तरह पाँचों भिन्नों का योग 1 है।




म.स.प. और ल.स.प. के प्रश्न पहचानने का तरीका

शब्दों में दी गई समस्याओं में सबसे पहले यह पहचानें कि प्रश्न म.स.प. का है या ल.स.प. का। जब किसी वस्तु को बिना कुछ बचाए बड़े-से-बड़े बराबर भागों में बाँटना हो, तो प्रायः म.स.प. चाहिए; और जब कई घटनाओं के फिर से एक साथ होने का सबसे पहला समय पूछा जाए, तो ल.स.प.। दोनों के लिए अभाज्य गुणनखंडन साफ-साफ लिखें और उत्तर को मूल संख्याओं से जाँचें।

यह अध्याय कक्षा 6 के ‘अभाज्य समय’ में सीखे सार्व गुणजों और सार्व गुणनखंडों पर आधारित है, इसलिए आवश्यकता हो तो वह अध्याय एक बार दोहरा लें। भाग 1 और भाग 2 के अन्य अध्यायों के लिए कक्षा 7 गणित एनसीईआरटी समाधान पृष्ठ पर जाएँ।