कक्षा 6 गणित अध्याय 4 एनसीईआरटी समाधान – आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 6 गणित अध्याय 4 आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ की प्रश्नावली (एक्सरसाइज) 4.1, 4.2 और 4.3 के हल अंग्रेजी तथा हिन्दी मीडियम में यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं। एनसीईआरटी पुस्तक 2024-25 के आधार पर तैयार किए गए कक्षा 6 गणित के ये समाधान यूपी, एमपी, बिहार तथा अन्य राजकीय बोर्डों के लिए भी उपयोगी हैं। अध्याय 4 गणित कक्षा 6 की प्रश्नावली के प्रत्येक प्रश्न को चरणबद्ध रूप में हल किया गया है ताकि कक्षा 6 के किसी भी छात्र को समझने में कोई परेशानी न हो। ऑफलाइन पढ़ने वाले छात्र कक्षा 6 गणित ऐप का भी प्रयोग कर सकते हैं।

कक्षा 6 गणित अध्याय 4 के लिए एनसीईआरटी समाधान

कक्षा 6 गणित अध्याय 4 पर बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्न उत्तर

Q1

यदि दो कोणों का योग 180⁰ से अधिक है, तो दोनों कोणों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प संभव नहीं है:

[A]. एक प्रतिवर्ती कोण और एक न्यून कोण
[B]. एक अधिक कोण और एक न्यून कोण
[C]. दो समकोण
[D]. दो अधिक कोण
Q2

यदि दो कोणों का योग एक अधिक कोण के बराबर है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प संभव नहीं है:

[A]. एक अधिक कोण और एक न्यून कोण
[B]. एक समकोण और एक न्यून कोण
[C]. दो न्यून कोण
[D]. दो समकोण
Q3

एक बहुभुज की भुजाओं की संख्या एक अभाज्य संख्या है। यह संख्या दो सबसे छोटी अभाज्य संख्याओं के योग के बराबर है। इस बहुभुज के विकर्णों की संख्या है:

[A]. 10
[B]. 5
[C]. 4
[D]. 7
Q4

9 बजे घड़ी की घंटे तथा मिनट की सूइयों के बीच में बने कोणों के माप हैं:

[A]. 270⁰, 90⁰
[B]. 60⁰, 300⁰
[C]. 30⁰, 330⁰
[D]. 75⁰, 285⁰

ज्यामिती क्या है?

ज्यामिति
ज्यामिति का एक लंबा और शानदार (बहुमूल्य) इतिहास है। शब्द ‘ज्यामिति’ (Geometry) यूनानी शब्द जिओमीट्रोन (Geometron) का अंग्रेजी तुल्य है। जिया (Geo) का अर्थ है ‘भूमि’ और ‘मीट्रोन (Metron) का अर्थ है ‘मापना’।
ज्यामिति में प्रयुक्त होने वाले कुछ महत्वपूर्ण अंग:

    1. बिंदु: बिंदु (Point) एक स्थिति (या अवस्थिति) (Location) निर्धारित करता है।
    2. रेखाखंड: दो बिन्दुओं को मिलाने वाली रेखा को रेखाखंड कहते हैं। जैसे: किसी सतह पर अवस्थिति बिंदु A और B को मिलाने वाली रेखा को रेखाखंड AB कहते हैं।
रेखा से आप क्या समझते हैं?

रेखा
रेखा को निश्चित करने के लिए, दो बिंदु पर्याप्त हैं। हम कहते हैं कि दो बिंदु एक रेखा निर्धारित करते हैं।
प्रतिच्छेदी रेखाएँ
यदि दो रेखाओं में एक उभयनिष्ठ बिंदु हो, तो वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ कहलाती हैं।
समांतर रेखाएँ
ऐसी रेखाएँ जो प्रतिच्छेद नहीं करतीं समांतर रेखाएँ कहलाती हैं।
यदि दो रेखाएँ AB और CD समांतर हों, तो हम इन्हें सांकेतिक रूप में AB ∥ CD लिखते हैं।

कक्षा 6 गणित अध्याय 4 के मुख्य प्रश्नों के हल

क्या वृत्त का प्रत्येक व्यास उसकी एक जीवा भी होता है?

हाँ, वृत्त का प्रत्येक व्यास उसकी एक जीवा भी होता है।

क्या वृत्त की प्रत्येक जीवा उसका एक व्यास भी होती है?

नहीं, वृत्त की प्रत्येक जीवा उसका व्यास नहीं होती है।

सत्य या असत्य बताइए: वृत्त के दो व्यास अवश्य ही प्रतिच्छेद करेंगे।

सत्य

सत्य या असत्य बताइए: वृत्त का केंद्र सदैव उसके अभ्यंतर में स्थित होता है।

सत्य

कुछ ज्यामितीय परिभाषाएँ
    1. किरण: किरण रेखा का एक भाग होता है। यह एक बिंदु से प्रारंभ होती है (जिसे प्रारंभिक बिंदु कहते हैं) और एक दिशा में बिना किसी अंत के विस्तृत होती है।
    2. बहुभुज: तीन या इससे अधिक रेखाखंडों से बनी बंद आकृतियाँ बहुभुज कहलाती हैं।
    3. भुजाएँ: एक बहुभुज को बनाने वाले रेखाखंड उसकी भुजाएँ कहलाती हैं।
    4. शीर्ष: दो भुजाएँ जहाँ मिलती हैं उस बिंदु को बहुभुज का शीर्ष कहते हैं। कोई भी दो भुजाएँ जिनमें एक उभयनिष्ठ अंत बिंदु हो बहुभुज की आसन्न भुजाएँ कहलाती हैं।
    5. विकर्ण: बहुभुज की एक ही भुजा के अंत बिंदु आसन्न शीर्ष कहलाते हैं। उन शीर्षों को लीजिए जो आसन्न नहीं हैं। ऐसे शीर्षों को मिलाने से बने रेखाखंड बहुभुज के विकर्ण कहलाते हैं।

कोण: उभयनिष्ठ प्रारंभिक बिंदु वाली दो किरणों से एक कोण बनता है। कोण को बनाने वाली दोनों किरण उसकी भुजाएँ कहलाती हैं। उभयनिष्ठ प्रारंभिक बिंदु कोण का शीर्ष कहलाता है।
त्रिभुज: एक तीन भुजाओं वाला बहुभुज होता है। वास्तव में, यह सबसे कम भुजाओं वाला बहुभुज है। एक त्रिभुज में तीन भुजाएं तथा तीन कोण होते हैं।
चतुर्भुज: चार भुजाओं वाला बहुभुज एक चतुर्भुज कहलाता है। इसकी चार भुजाएँ और चार कोण होते हैं। एक त्रिभुज की ही तरह, आप इसके अभ्यंतर को देख सकते हैं।
वृत्त: एक सरल बंद वक्र है जो एक बहुभुज नहीं है। इसके कुछ विशिष्ट गुण हैं। वृत्त पर स्थित प्रत्येक बिंदु केंद्र से बराबर (या समान) दूरी पर है।