एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 5.2

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 5.2 सम्मिश्र संख्याएँ और द्विघातीय समीकरण के सवाल जवाब सीबीएसई और राजकीय बोर्ड सत्र 2022-2023 के लिए यहाँ दिए गए हैं। कक्षा 11 गणित के छात्र प्रश्नावली 5.2 के प्रश्नों को पीडीएफ और विडियो की मदद से आसानी से समझ सकते हैं।

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 5.2

आर्गंड तल और ध्रुवीय निरूपण

तल, जिसमें प्रत्येक बिंदु को एक सम्मिश्र संख्या द्वारा निर्दिष्ट किया गया है, सम्मिश्र तल या आर्गंड तल कहलाता है।
आर्गंड तल में सम्मिश्र संख्या (x, + iy) का मापांक बिंदु P(x, y) से मूल बिंदु O (0, 0) के बीच की दूरी द्वारा प्राप्त होता है।
वास्तविक संख्याओं (x, y) के प्रत्येक क्रमित युग्म के संगत, हमें x, y तल में दो पारस्परिक लंब रेखाओं के संदर्भ में जिन्हें x-अक्ष y-अक्ष द्वारा जाना जाता है, एक अद्वितीय बिंदु प्राप्त होता है। अर्थात् सम्मिश्र संख्या x + iy का जो क्रमित युग्म (x, y) के संगत है, तल में एक अद्वितीय बिंदु (x, y) के रूप में ज्यामितीय निरूपण किया जा सकता है। यह कथन विलोमतः सत्य है।

एक सम्मिश्र संख्या का ध्रुवीय निरूपण

माना कि बिंदु P, ऋणेत्तर सम्मिश्र संख्या z = x + iy का निरूपण करता है। माना कि दिष्ट रेखाखंड OP की लंबाई r है और θ वह कोण है जो OP, x-अक्ष की धनात्मक दिशा के साथ बनाता है।
हम ध्यान दें कि P वास्तविक संख्याओं के क्रमित युग्म (r, θ) से अद्वितीय रूप से निर्धारित किया जाता है। (r, θ) बिंदु P के ध्रुवीय निर्देशांक कहलाते हैं। हम मूल बिंदु को ध्रुव तथा x-अक्ष की धन दिशा को प्रारंभिक रेखा मानते हैं।
यहाँ x = r cos θ, y = r sin θ और इसलिए, z = r (cos θ + i sin θ), सम्मिश्र संख्या का ध्रुवीय रूप कहलाता है। यहाँ r = √(x² + y²) = |z| को z का मापांक कहते हैं। और θ, सम्मिश्र संख्या का कोणांक या आयाम कहलाता है तथा कोणांक z से निरूपित होता है।

मुख्य आयाम

किसी सम्मिश्र संख्या z ≠ 0, 0 ≥ θ < 2π में θ का केवल मान संगत हैं। फिर भी, 2π की लंबाई के किसी दूसरे, अंतराल के लिए, उदाहरण के तौर पर – π < θ ≤ π इस प्रकार का एक अंतराल हो सकता है। हम θ का ऐसा मान, जिसमें की – π < θ ≤ π, z का मुख्य आयाम कहलाता है और arg z से निरूपित किया जाता है।

अभ्यास के लिए प्रश्न

सम्मिश्र संख्या z =1 + i√3 को ध्रुवीय रूप में निरूपित कीजिए।
माना 1 = r cos θ, 3 = r sin θ
दोनों तरफ का वर्ग करके और जोड़ने पर हमें प्राप्त है,
r² (cos² θ + sin² θ) = 4
अर्थात् r = √4 = 2 (प्रतिदर्श रूप से r > 0)
इसलिए, cos θ = ½, sin θ = √3/2
इस प्रकार θ = π/3
इसलिए अपेक्षित ध्रुवीय रूप z = 2 (cos π/3 + i sin π/3)

एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 5.2 सम्मिश्र संख्याएँ
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 5.2
कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 5.2
एनसीईआरटी समाधान कक्षा 11 गणित प्रश्नावली 5.2 हिंदी में